वैष्णवी, एक समर्पित स्त्री, अपने पति के धोखे और त्याग से टूट जाती है। लेकिन उसके दर्द के पीछे छिपा है सच—वह एक अमीर उत्तराधिकारी और प्रतिभाशाली स्त्री है। अपमान से उठकर वह अपना हक वापस लेती है। इसी सफर में उसकी मुलाकात होती है विक्रांत देसाई से, एक प्रभावशाली सीईओ, जो उसे सम्मान और सच्चा प्रेम देता है। अतीत की क्रूरता के विपरीत, विक्रांत उसका सहारा बनकर उसके दुश्मनों को बेनकाब करने में साथ देता है। None
